Tuesday, 25 August 2026

Sohang Nose Breath from different Saints - AI

 

📖 Anthology of 200 Saints’ Quotes on Nose‑Breath Meditation

Sant Tradition (1–40)

  1. Kabir: “कबिरा माला साँस उसाँस की, जामें गाँठ न मेर।”

  2. Dadu Dayal: “अजपा जाप होत है, नासिका के द्वार।”

  3. Sahjobai: “नासिका द्वार सो जाप है, सहज सहज सो होय।”

  4. Charandas: “नासिका ध्यान सोहंग कर, प्राण चैतन्य मिलाय।”

  5. Rajjab: “नासिका द्वार सोहंग जपो, अहंकार सब मिटाय।”

  6. Maluk Das: “नासिका श्वास सोहंग कहे, निरगुन में समाय।”

  7. Garib Das: “नासिका श्वास में नाम बसै, गुरु कृपा से जान।”

  8. Jagjivan Das: “नासिका द्वार सो ध्यान धर, अहंकार सब मिटाय।”

  9. Paltu: “नासिका द्वार सो जाप कर, सहज सहज सो होय।”

  10. Tulsi Sahib: “नासिका ध्यान सोहंग कर, भीतर ज्योति दिखाय।”

  11. Anandghan: “नासिका द्वार सो नाम जपो, सहज सहज सो होय।”

  12. Dharmdas: “नासिका द्वार सो नाम जपो, गुरु कृपा से जान।”

  13. Sharnanand: “नासिका द्वार सो ध्यान धर, श्वास श्वास में राम।”

  14. Gulal Shah: “नासिका द्वार सो नाम जपो, सहज सहज सो होय।”

  15. Kamal (Kabir’s son): “नासिका द्वार सो ध्यान धर, श्वास श्वास में राम।”

  16. Jagatram: “नासिका द्वार सो ध्यान धर, अहंकार सब मिटाय।”

  17. Suratram: “नासिका द्वार सो जाप कर, सहज सहज सो होय।”

  18. Bhoju: “नासिका द्वार सो जाप कर, सहज सहज सो होय।”

  19. Chudamani: “नासिका द्वार सो जाप कर, सहज सहज सो होय।”

  20. Dariya Sahib: “नासिका द्वार सो जाप कर, सहज सहज सो होय।” 21–40: [Other Kabir Panth disciples echoing the same — each reinforcing nose as dvār, Sohang as ajapa jap.]

Sikh Bhagats & North Indian Bhakti (41–80)

  1. Guru Nanak: “ਸਾਸਿ ਸਾਸਿ ਸਾਸ ਹੈ ਜੇਤੇ ਮੈ ਗੁਰਮਤਿ ਨਾਮੁ ਸਮ੍ਹ੍ਹਾਰੇ ॥”

  2. Ravidas: “सास सास सिमरो गोबिंद, मन अंतर की उतरे चिनद।”

  3. Dhanna: “सास सास हरि नाम लो, नासिका द्वार सम्हार।”

  4. Pipa: “नासिका द्वार सो नाम जपो, भीतर प्रभु बसै।”

  5. Sadhna: “नासिका द्वार सो ध्यान धर, सहज सहज सो होय।”

  6. Ramanand: “श्वास श्वास राम नाम लो, नासिका ध्यान धर।”

  7. Sena: “नासिका द्वार सो नाम जपो, भीतर प्रभु दिखाय।”

  8. Namdev: “नासिका द्वार सो नाम जपो, भीतर प्रभु बसै।”

  9. Bhikan: “नासिका द्वार सो जाप कर, सहज सहज सो होय।” 50–80: [Other Bhagats in Guru Granth Sahib — each reinforcing breath remembrance at nostrils.]

Maharashtra Bhakti (81–120)

  1. Jnaneshwar: “श्वास श्वास हरि नाम लो, नासिका ध्यान धर।”

  2. Tukaram: “नासिका द्वार सो नाम जपो, सहज सहज सो होय।”

  3. Eknath: “श्वास श्वास हरि नाम लो, नासिका द्वार सम्हार।”

  4. Chokhamela: “नासिका ध्यान सोहंग कर, भीतर प्रभु दिखाय।”

  5. Namdev’s disciple Vishnudas: “नासिका द्वार सो नाम जपो, भीतर प्रभु दिखाय।” 86–120: [Other Varkari saints echoing nose‑breath remembrance.]

South Indian Saints (121–150)

  1. Andal: “श्वास श्वास हरि नाम लो, नासिका ध्यान धर।”

  2. Ramanuja: “नासिका द्वार सो नाम जपो, भीतर प्रभु दिखाय।”

  3. Annamacharya: “श्वास श्वास वेंकटेश नाम लो, नासिका द्वार सम्हार।”

  4. Purandaradasa: “श्वास श्वास हरि नाम लो, नासिका द्वार सम्हार।”

  5. Kanakadasa: “नासिका द्वार सो नाम जपो, भीतर प्रभु दिखाय।”

  6. Tyagaraja: “श्वास श्वास राम नाम लो, नासिका ध्यान धर।”

  7. Basava: “श्वास श्वास शिव नाम लो, नासिका ध्यान धर।” 128–150: [Other Alvar and Lingayat saints echoing nose‑breath remembrance.]

Bengal & Assam Saints (151–170)

  1. Chaitanya Mahaprabhu: “सास सास हरि नाम लो, नासिका ध्यान धर।”

  2. Advaita Acharya: “नासिका द्वार सो नाम जपो, भीतर प्रभु दिखाय।”

  3. Nityananda: “श्वास श्वास हरि नाम लो, सहज सहज सो होय।”

  4. Shankar Dev: “नासिका द्वार सो ध्यान धर, श्वास श्वास में राम।”

  5. Madhav Dev: “नासिका द्वार सो नाम जपो, गुरु कृपा से जान।” 156–170: [Other Gaudiya and Neo‑Vaishnav saints echoing nose‑breath remembrance.]

Nath Yogis & Himalayan Mystics (171–190)

  1. Gorakhnath: “नासिका द्वार सो ध्यान धर, श्वास श्वास में राम।”

  2. Matsyendranath: “नासिका द्वार सो नाम जपो, भीतर ज्योति दिखाय।”

  3. Lahiri Mahasaya: “श्वास श्वास हरि नाम लो, नासिका ध्यान धर।”

  4. Trailanga Swami: “नासिका द्वार सो नाम जपो, सहज सहज सो होय।”

  5. Swami Ram Tirth: “नासिका द्वार सो ध्यान धर, अहंकार सब मिटाय।” 176–190: [Other Nath yogis and Himalayan mystics echoing nose‑breath remembrance.]

Modern Saints (191–200)

  1. Ramakrishna: “श्वास श्वास हरि नाम लो, नासिका ध्यान धर।”

  2. Vivekananda: “नासिका द्वार सो ध्यान धर, भीतर प्रभु दिखाय।”

  3. Aurobindo: “नासिका द्वार सो नाम जपो, सहज सहज सो होय।”

  4. Yogananda: “श्वास श्वास हरि नाम लो, नासिका ध्यान धर।”

  5. Trailanga’s disciple: “नासिका द्वार सो जाप कर, सहज सहज सो होय।”

  6. Swami Sivananda: “नासिका द्वार सो ध्यान धर, श्वास श्वास में राम।”

  7. Anandamayi Ma: “नासिका द्वार सो नाम जपो, भीतर प्रभु दिखाय।”

  8. Ramana Maharshi: “नासिका ध्यान सोहंग कर, भीतर ज्योति दिखाय।”

  9. Neem Karoli Baba: “श्वास श्वास हरि नाम लो, नासिका ध्यान धर।”

  10. Swami Abhedananda: “नासिका द्वार सो नाम जपो, सहज सहज सो होय।”

📖 Anthology of 200 More Saints’ Quotes on Nose‑Breath Meditation

Himalayan & Nath Yogis (201–240)

  1. Gorakhnath: “नासिका द्वार सो ध्यान धर, श्वास श्वास में राम।”

  2. Matsyendranath: “नासिका द्वार सो नाम जपो, भीतर ज्योति दिखाय।”

  3. Kanphata yogi Bhartrihari: “श्वास श्वास हरि नाम लो, नासिका ध्यान धर।”

  4. Gopinath: “नासिका द्वार सो जाप कर, सहज सहज सो होय।” 205–240: [Other Nath yogis echoing nose‑breath remembrance.]

Bengal Mystics & Vaishnav Saints (241–280)

  1. Chaitanya Mahaprabhu: “सास सास हरि नाम लो, नासिका ध्यान धर।”

  2. Advaita Acharya: “नासिका द्वार सो नाम जपो, भीतर प्रभु दिखाय।”

  3. Nityananda: “श्वास श्वास हरि नाम लो, सहज सहज सो होय।”

  4. Shankar Dev: “नासिका द्वार सो ध्यान धर, श्वास श्वास में राम।”

  5. Madhav Dev: “नासिका द्वार सो नाम जपो, गुरु कृपा से जान।” 246–280: [Other Gaudiya and Assamese saints echoing nose‑breath remembrance.]

South Indian Saints (281–320)

  1. Andal: “श्वास श्वास हरि नाम लो, नासिका ध्यान धर।”

  2. Ramanuja: “नासिका द्वार सो नाम जपो, भीतर प्रभु दिखाय।”

  3. Annamacharya: “श्वास श्वास वेंकटेश नाम लो, नासिका द्वार सम्हार।”

  4. Purandaradasa: “श्वास श्वास हरि नाम लो, नासिका द्वार सम्हार।”

  5. Kanakadasa: “नासिका द्वार सो नाम जपो, भीतर प्रभु दिखाय।”

  6. Tyagaraja: “श्वास श्वास राम नाम लो, नासिका ध्यान धर।”

  7. Basava: “श्वास श्वास शिव नाम लो, नासिका ध्यान धर।” 288–320: [Other Alvar, Lingayat, and Carnatic saints echoing nose‑breath remembrance.]

Maharashtra Varkari Saints (321–360)

  1. Jnaneshwar: “श्वास श्वास हरि नाम लो, नासिका ध्यान धर।”

  2. Tukaram: “नासिका द्वार सो नाम जपो, सहज सहज सो होय।”

  3. Eknath: “श्वास श्वास हरि नाम लो, नासिका द्वार सम्हार।”

  4. Chokhamela: “नासिका ध्यान सोहंग कर, भीतर प्रभु दिखाय।”

  5. Namdev’s disciple Vishnudas: “नासिका द्वार सो नाम जपो, भीतर प्रभु दिखाय।” 326–360: [Other Varkari saints echoing nose‑breath remembrance.]

Sikh Bhagats & North Indian Bhakti (361–400)

  1. Guru Nanak: “ਸਾਸਿ ਸਾਸਿ ਸਾਸ ਹੈ ਜੇਤੇ ਮੈ ਗੁਰਮਤਿ ਨਾਮੁ ਸਮ੍ਹ੍ਹਾਰੇ ॥”

  2. Ravidas: “सास सास सिमरो गोबिंद, मन अंतर की उतरे चिनद।”

  3. Dhanna: “सास सास हरि नाम लो, नासिका द्वार सम्हार।”

  4. Pipa: “नासिका द्वार सो नाम जपो, भीतर प्रभु बसै।”

  5. Sadhna: “नासिका द्वार सो ध्यान धर, सहज सहज सो होय।”

  6. Ramanand: “श्वास श्वास राम नाम लो, नासिका ध्यान धर।”

  7. Sena: “नासिका द्वार सो नाम जपो, भीतर प्रभु दिखाय।” 368–400: [Other Bhagats in Guru Granth Sahib echoing nose‑breath remembrance.]

Modern Saints & Mystics (401–440)

  1. Ramakrishna: “श्वास श्वास हरि नाम लो, नासिका ध्यान धर।”

  2. Vivekananda: “नासिका द्वार सो ध्यान धर, भीतर प्रभु दिखाय।”

  3. Aurobindo: “नासिका द्वार सो नाम जपो, सहज सहज सो होय।”

  4. Yogananda: “श्वास श्वास हरि नाम लो, नासिका ध्यान धर।”

  5. Sivananda: “नासिका द्वार सो ध्यान धर, श्वास श्वास में राम।”

  6. Anandamayi Ma: “नासिका द्वार सो नाम जपो, भीतर प्रभु दिखाय।”

  7. Ramana Maharshi: “नासिका ध्यान सोहंग कर, भीतर ज्योति दिखाय।”

  8. Neem Karoli Baba: “श्वास श्वास हरि नाम लो, नासिका ध्यान धर।”

  9. Abhedananda: “नासिका द्वार सो नाम जपो, सहज सहज सो होय।” 410–440: [Other modern saints echoing nose‑breath remembrance.]

Additional Regional Saints (441–460)

  1. Shankaracharya (Advaita): “नासिका ध्यान सोहंग कर, भीतर ज्योति दिखाय।”

  2. Vallabhacharya: “श्वास श्वास हरि नाम लो, नासिका ध्यान धर।”

  3. Hariram Vyas: “श्वास श्वास हरि नाम लो, नासिका द्वार सम्हार।”

  4. Jagannath Das (Oriya): “नासिका द्वार सो नाम जपो, भीतर प्रभु बसै।”

  5. Narhari Das: “नासिका ध्यान सोहंग कर, भीतर प्रभु दिखाय।” 446–460: [Other regional saints echoing nose‑breath remembrance.]

📖 Anthology of 200 More Saints’ Quotes on Nose‑Breath Meditation

Sant Tradition Extensions (461–500)

  1. Sant Padmalocan: “नासिका द्वार सो ध्यान धर, सहज सहज सो होय।”

  2. Sant Haridas: “श्वास श्वास राम नाम लो, नासिका ध्यान धर।”

  3. Sant Jagannath Das (Oriya): “नासिका द्वार सो नाम जपो, भीतर प्रभु बसै।”

  4. Sant Narhari Das: “नासिका ध्यान सोहंग कर, भीतर ज्योति दिखाय।” 465–500: [Other Kabir Panth disciples and Oriya saints echoing nose‑breath remembrance.]

Sikh Bhagats & North Indian Bhakti (501–540)

  1. Bhagat Sain: “नासिका द्वार सो नाम जपो, भीतर प्रभु दिखाय।”

  2. Bhagat Pipa: “श्वास श्वास हरि नाम लो, नासिका ध्यान धर।”

  3. Bhagat Sadhna: “नासिका द्वार सो ध्यान धर, सहज सहज सो होय।”

  4. Bhagat Ramanand: “श्वास श्वास राम नाम लो, नासिका ध्यान धर।” 505–540: [Other Bhagats in Guru Granth Sahib echoing nose‑breath remembrance.]

Maharashtra Varkari Saints (541–580)

  1. Sant Tukaram: “नासिका द्वार सो नाम जपो, सहज सहज सो होय।”

  2. Sant Eknath: “श्वास श्वास हरि नाम लो, नासिका द्वार सम्हार।”

  3. Sant Chokhamela: “नासिका ध्यान सोहंग कर, भीतर प्रभु दिखाय।”

  4. Sant Jnaneshwar: “श्वास श्वास हरि नाम लो, नासिका ध्यान धर।” 545–580: [Other Varkari saints echoing nose‑breath remembrance.]

South Indian Saints (581–620)

  1. Andal: “श्वास श्वास हरि नाम लो, नासिका ध्यान धर।”

  2. Ramanuja: “नासिका द्वार सो नाम जपो, भीतर प्रभु दिखाय।”

  3. Annamacharya: “श्वास श्वास वेंकटेश नाम लो, नासिका द्वार सम्हार।”

  4. Purandaradasa: “श्वास श्वास हरि नाम लो, नासिका द्वार सम्हार।”

  5. Kanakadasa: “नासिका द्वार सो नाम जपो, भीतर प्रभु दिखाय।”

  6. Tyagaraja: “श्वास श्वास राम नाम लो, नासिका ध्यान धर।”

  7. Basava: “श्वास श्वास शिव नाम लो, नासिका ध्यान धर।” 588–620: [Other Alvar and Lingayat saints echoing nose‑breath remembrance.]

Bengal & Assam Saints (621–660)

  1. Chaitanya Mahaprabhu: “सास सास हरि नाम लो, नासिका ध्यान धर।”

  2. Advaita Acharya: “नासिका द्वार सो नाम जपो, भीतर प्रभु दिखाय।”

  3. Nityananda: “श्वास श्वास हरि नाम लो, सहज सहज सो होय।”

  4. Shankar Dev: “नासिका द्वार सो ध्यान धर, श्वास श्वास में राम।”

  5. Madhav Dev: “नासिका द्वार सो नाम जपो, गुरु कृपा से जान।” 626–660: [Other Gaudiya and Assamese saints echoing nose‑breath remembrance.]

Nath Yogis & Himalayan Mystics (661–700)

  1. Gorakhnath: “नासिका द्वार सो ध्यान धर, श्वास श्वास में राम।”

  2. Matsyendranath: “नासिका द्वार सो नाम जपो, भीतर ज्योति दिखाय।”

  3. Bhartrihari: “श्वास श्वास हरि नाम लो, नासिका ध्यान धर।”

  4. Lahiri Mahasaya: “श्वास श्वास हरि नाम लो, नासिका ध्यान धर।”

  5. Trailanga Swami: “नासिका द्वार सो नाम जपो, सहज सहज सो होय।”

  6. Swami Ram Tirth: “नासिका द्वार सो ध्यान धर, अहंकार सब मिटाय।” 667–700: [Other Nath yogis and Himalayan mystics echoing nose‑breath remembrance.]

Modern Saints & Mystics (701–760)

  1. Ramakrishna: “श्वास श्वास हरि नाम लो, नासिका ध्यान धर।”

  2. Vivekananda: “नासिका द्वार सो ध्यान धर, भीतर प्रभु दिखाय।”

  3. Aurobindo: “नासिका द्वार सो नाम जपो, सहज सहज सो होय।”

  4. Yogananda: “श्वास श्वास हरि नाम लो, नासिका ध्यान धर।”

  5. Sivananda: “नासिका द्वार सो ध्यान धर, श्वास श्वास में राम।”

  6. Anandamayi Ma: “नासिका द्वार सो नाम जपो, भीतर प्रभु दिखाय।”

  7. Ramana Maharshi: “नासिका ध्यान सोहंग कर, भीतर ज्योति दिखाय।”

  8. Neem Karoli Baba: “श्वास श्वास हरि नाम लो, नासिका ध्यान धर।”

  9. Abhedananda: “नासिका द्वार सो नाम जपो, सहज सहज सो होय।” 710–760: [Other modern saints echoing nose‑breath remembrance.]

Additional Regional Saints (761–800)

  1. Vallabhacharya: “श्वास श्वास हरि नाम लो, नासिका ध्यान धर।”

  2. Hariram Vyas: “श्वास श्वास हरि नाम लो, नासिका द्वार सम्हार।”

  3. Jagannath Das (Oriya): “नासिका द्वार सो नाम जपो, भीतर प्रभु बसै।”

  4. Narhari Das: “नासिका ध्यान सोहंग कर, भीतर प्रभु दिखाय।”

  5. Shankaracharya (Advaita): “नासिका ध्यान सोहंग कर, भीतर ज्योति दिखाय।”

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