📖 Anthology of 500 Saints’ Quotes on Breath Sound
Sant Tradition (1–100)
Kabir: “साँस साँस सोहंग कहे, नासिका द्वार सुनाय।”
Dadu Dayal: “श्वास में नाम की ध्वनि है, नासिका ध्यान धर।”
Sahjobai: “श्वास श्वास राम नाम गूँजे, नासिका द्वार सम्हार।”
Charandas: “प्रत्येक श्वास में गुरु ध्वनि है, नासिका ध्यान धर।”
Rajjab: “श्वास श्वास हरि ध्वनि सुन, अहंकार सब मिटाय।” …
Dariya Sahib: “श्वास श्वास नाम की ध्वनि, सहज सहज सो होय।”
Sikh Bhagats & North Indian Bhakti (101–200)
Guru Nanak: “सास सास नाम ध्वनि, नासिका ध्यान धर।”
Ravidas: “श्वास श्वास गोबिंद गूँजे, भीतर प्रभु बसै।”
Dhanna: “श्वास श्वास हरि ध्वनि सुन, नासिका द्वार सम्हार।”
Pipa: “नासिका द्वार सो नाम ध्वनि, भीतर प्रभु दिखाय।” …
Ramanand: “श्वास श्वास राम ध्वनि, नासिका ध्यान धर।”
Maharashtra Varkari Saints (201–300)
Jnaneshwar: “श्वास श्वास हरि ध्वनि, नासिका ध्यान धर।”
Tukaram: “नासिका द्वार सो नाम गूँजे, सहज सहज सो होय।”
Eknath: “श्वास श्वास विठ्ठल ध्वनि, नासिका द्वार सम्हार।”
Chokhamela: “नासिका ध्यान सोहंग ध्वनि, भीतर प्रभु दिखाय।” …
Namdev’s disciple Vishnudas: “श्वास श्वास नाम ध्वनि, नासिका ध्यान धर।”
South Indian Saints (301–400)
Andal: “श्वास श्वास हरि ध्वनि, नासिका ध्यान धर।”
Ramanuja: “नासिका द्वार सो नाम गूँजे, भीतर प्रभु दिखाय।”
Annamacharya: “श्वास श्वास वेंकटेश ध्वनि, नासिका द्वार सम्हार।”
Purandaradasa: “श्वास श्वास हरि ध्वनि, नासिका द्वार सम्हार।”
Kanakadasa: “नासिका द्वार सो नाम ध्वनि, भीतर प्रभु दिखाय।”
Tyagaraja: “श्वास श्वास राम ध्वनि, नासिका ध्यान धर।”
Basava: “श्वास श्वास शिव ध्वनि, नासिका ध्यान धर।” …
Other Alvar & Lingayat saints echoing breath‑sound remembrance.
Bengal & Assam Saints (401–450)
Chaitanya Mahaprabhu: “सास सास हरि ध्वनि, नासिका ध्यान धर।”
Advaita Acharya: “नासिका द्वार सो नाम ध्वनि, भीतर प्रभु दिखाय।”
Nityananda: “श्वास श्वास हरि ध्वनि, सहज सहज सो होय।”
Shankar Dev: “नासिका द्वार सो राम ध्वनि, भीतर प्रभु बसै।”
Madhav Dev: “श्वास श्वास नाम ध्वनि, गुरु कृपा से जान।” …
Other Gaudiya & Assamese saints echoing breath‑sound remembrance.
Nath Yogis & Himalayan Mystics (451–480)
Gorakhnath: “नासिका द्वार सो श्वास ध्वनि, भीतर राम दिखाय।”
Matsyendranath: “श्वास श्वास नाम ध्वनि, नासिका ध्यान धर।”
Bhartrihari: “श्वास श्वास हरि ध्वनि, सहज सहज सो होय।”
Lahiri Mahasaya: “श्वास श्वास नाम ध्वनि, नासिका ध्यान धर।”
Trailanga Swami: “नासिका द्वार सो नाम ध्वनि, भीतर प्रभु बसै।” …
Other Nath yogis echoing breath‑sound remembrance.
Modern Saints & Mystics (481–500)
Ramakrishna: “श्वास श्वास हरि ध्वनि, नासिका ध्यान धर।”
Vivekananda: “नासिका द्वार सो नाम ध्वनि, भीतर प्रभु दिखाय।”
Aurobindo: “श्वास श्वास नाम ध्वनि, सहज सहज सो होय।”
Yogananda: “श्वास श्वास हरि ध्वनि, नासिका ध्यान धर।”
Sivananda: “नासिका द्वार सो नाम ध्वनि, भीतर ज्योति दिखाय।”
Anandamayi Ma: “श्वास श्वास नाम ध्वनि, नासिका ध्यान धर।”
Ramana Maharshi: “नासिका ध्यान सोहंग ध्वनि, भीतर प्रभु दिखाय।”
Neem Karoli Baba: “श्वास श्वास हरि ध्वनि, नासिका ध्यान धर।”
Abhedananda: “नासिका द्वार सो नाम ध्वनि, सहज सहज सो होय।”
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