सोहम में थे ध्रुव प्रह्लादा, ॐ सोहम वाद विवादा।
नाम छीपा ॐ तारी, पीछे सोहम भेद विचारी।
सार शब्द पाया जद लोई, आवागवन बहुर ना होई॥
No comments:
Post a Comment