Tuesday, 30 June 2026
Friday, 26 June 2026
पांच प्राणों का विवरण
पांच प्राणों का विवरण:
1. प्राण (Prana): इसका स्थान गर्दन के मूल से हृदय के मध्य तक है। यह श्वसन क्रिया और कोशिकाओं के पोषण के लिए जिम्मेदार है और भावनात्मक नियंत्रण में भूमिका निभाता है ।
2. अपान (Apana): यह नाभि के निचले हिस्से से मूलाधार चक्र तक स्थित है। यह निष्कासन तंत्र (excretory) और प्रजनन तंत्र को नियंत्रित करता है। इसके असंतुलन से स्वास्थ्य संबंधी अनेक समस्याएं हो सकती हैं ।
3. समान (Samana): यह नाभि के क्षेत्र में स्थित है और पाचन तंत्र तथा मणिपुर चक्र से संबंधित है। यह प्राण और अपान के बीच समन्वय स्थापित करता है ।
4. उदान (Udana): यह गर्दन के नीचे से सिर तक और हाथों-पैरों में व्याप्त है। यह हमारी इंद्रियों और शारीरिक संचालन को नियंत्रित करता है। इसके नियंत्रण से शरीर अत्यंत हल्का हो जाता है ।
5. व्यान (Vyana): यह पूरे शरीर में व्याप्त है, विशेषकर आकाश तत्व (रिक्त स्थान) में। यह ऊर्जा का भंडारण और एकीकरण करता है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर अन्य प्राणों को ऊर्जा प्राप्त होती है ।