Tuesday, 14 April 2026

ये कहन सुनन की करते बाता, कोई न देखया अमृत खाता

गरीब, ये कहन सुनन की करते बाता, 
कोई न देखया अमृत खाता ।
सुर नर मुनिजन तेतीस करोरी,
ये बंधे सभी काल की डोरी ।।

सोहं आगे सार शब्द मोहे पाया

सत्य गया पाताल में, झूठ रहा जग छाये

कबीर, सत्य गया पाताल में,
झूठ रहा जग छाये।
दो टके की पगड़ी,
छः टके में जाये।।

Sunday, 5 April 2026