Avigat Kabir
Sunday, 16 August 2026
बिन मंत्र जो कुंभक करे
नानक, पिछले जनम जनक बिदेहि अवतार
वाहेगुरु जपन ते प्रसन्न होए भगवान, तिसको देवे अपना ग्यान
निह अच्छर ते अच्छर भयो
स्वांसा माहि सोहं सोहं शब्द होए पहचानियै
आतम देव समान न दूजा
नानक, इही अजप्पा जाप है
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