Friday, 5 December 2025
पांच धुनं
अनहद बाजा जम का थाना, पांचों तत्व करे ग़मसाना। अनहद बाजा विधि विधि बाजे, सार शब्द न्यारी धुन गाजे।।
आधी साखी सिर खड़ी
कबीर, आधी साखी सिर खड़ी, जो निरूवारी जाय ।
क्या पंडित की पोथिया, जो राति दिवस मिलि गाय ।।
Monday, 1 December 2025
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