Thursday, 19 August 2021

मौत से भूख बड़ी

कबीर, शाम को खाऐ विदा कर दीने,
होती प्रातः खड़ी ।
कहत कबीर सुनो भाई साधो
मौत से भूख बड़ी ।।

Wednesday, 18 August 2021

चोरी का दान सही है

कबीर, या मे नहीं अकाज है, 
चोरी कीया दान।

चलते चलते सत्गुरू मिले

कबीर, पाछे लाग्या जाय था,
लोक वेद के साथ।
चलते चलते सत्गुरू मिले,
दीपक दीया हाथ।।

झूठा खेलिया साचा होई

झूठा खेलिया साचा होई,
साचा खेले बिरला कोई।