Wednesday, 18 August 2021

चलते चलते सत्गुरू मिले

कबीर, पाछे लाग्या जाय था,
लोक वेद के साथ।
चलते चलते सत्गुरू मिले,
दीपक दीया हाथ।।

झूठा खेलिया साचा होई

झूठा खेलिया साचा होई,
साचा खेले बिरला कोई।

Sunday, 11 July 2021

सत्गुरु सत्य कबीर

कबीर, सन्त अनेक संसार में,
सत्गुरु सत्य कबीर। ‌
जगजीवन आप कहते हैं,
सुरती निरती के तीर।।